
राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण: जनआस्था, पारदर्शिता और जवाबदेही की रक्षा के लिए शंकराचार्यों से मांगा मार्गदर्शन, चढ़ावा मामले की जांच के बीच उठाए सवाल
अयोध्या। राम मंदिर चढ़ावे प्रकरण को लेकर कांग्रेस नेता ने चारों शंकराचार्यों को पत्र लिखकर सत्य, पारदर्शिता, जवाबदेही तथा जनआस्था की रक्षा हेतु अपना मार्गदर्शन प्रदान करने के साथ मंदिर की व्यवस्थाओं को अपने हाथ में लेने का अनुरोध किया है।
उत्तर प्रदेश युवा कांग्रेस के उपाध्यक्ष शरद शुक्ला ने चारों शंकराचार्यों को लिखे गए पत्र के माध्यम से कहा है कि यह विषय केवल धनराशि का नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था, विश्वास और समर्पण का विषय है। राम मंदिर के चढ़ावे में कथित चोरी के मामले को लेकर वर्तमान में की एसआईटी की टीम जांच कर रही है। जिसका हम सम्मान करते हैं, किंतु जनमानस में उठ रहे प्रश्नों और चिंताओं के समाधान हेतु धर्माचार्यों का नैतिक एवं आध्यात्मिक मार्गदर्शन भी आवश्यक है।
उन्होंने लिखे गए पत्र के जरिए शंकराचार्यों से आग्रह किया है कि वे इस विषय पर सज्ञान लेकर सत्य, पारदर्शिता, जवाबदेही तथा जनआस्था की रक्षा के लिए अपना मार्गदर्शन प्रदान करें। कांग्रेस नेता ने कहा कि श्रीरामजन्मभूमि किसी व्यक्ति, संस्था या ट्रस्ट का नहीं बल्कि संपूर्ण हिंदू समाज की सामूहिक आस्था का केंद्र है। इसकी गरिमा, पवित्रता और विश्वसनीयता की रक्षा हम सभी का दायित्व है। उन्होंने सभी शंकराचार्यों से मंदिर की बागडोर अपने हाथों में लेने की अपील की है।
बता दें कि उत्तर प्रदेश युवा कांग्रेस के उपाध्यक्ष शरद शुक्ला ने इससे पहले भी राम मंदिर और ट्रस्ट से जुड़े कई मुद्दे प्रमुखता से उठाए है, चाहे वह ट्रस्ट के द्वारा खरीदी गई जमीनों का मामला हो या फिर कथित दानपत्र चोरी से जुड़ा मामला हो सभी को प्रमुखता से उठाया है।

